संस्था द्वारा भारत की प्राचीन कला का नई बुलंदियो पर पहुंचाने बाबत हर सम्भव प्रयास किये जा रहे है संस्था द्वारा हस्तषिल्पियों को प्रषिक्षण,डिजाइन,मार्केटिंग,सामाजिक गतिविधियों आदि के द्वारा लाभान्वित किया जा रहा है । संस्था द्वारा स्वयं सहायता समूहो का गठन किया गया उन स्वयं सहायता समूहो को बैंको से लोन आदि दिलवाकर उनके कार्य को और आगे बढाने में आर्थिक मदद भी की जा रही है । संस्था द्वारा हस्तषिल्पियों को उनके उत्पादन की बिक्री बाबत बीकानेर में अब तक 3 क्राफट बाजार एंव 2 गॉंधी षिल्प बाजारो का आयोजन भी किया जा चुका है । संस्था द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 में भी गॉंधी षिल्प बाजार का आयोजन बीकानेर में किया गया जिसमें देष भर के 120 हस्तषिल्पियों ने भाग लिया तथा 1 करोड रूपये से उपर उन षिल्पियों की आमदनी हुई इस क्षेत्र की जनता को प्रत्येक वर्ष षिल्प बाजार के आयोजन की प्रतिक्षा रहती है स्थानीय जनता द्वारा इसे खूब सराहा गया है ।
संस्था द्वारा शिल्पियों के उत्पादन की बिक्री बाबत अब तक वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से 6 हस्तशिल्प प्रदर्शनियों का आयोजन भठिण्डा एंव अबोहर, बीकानेर, सिरसा, जोधपुर में किया जा चुका है जिससे हस्तशिल्पियों की अच्छी बिक्री हुई है तथा शिल्पियों के कार्य को देखकर वहॉं की जनता में भी हस्तशिल्प के प्रति रूझान बढने लगा है । इन हस्तशिल्प प्रदर्शनियों से हस्तशिल्पियों का ग्राहक से सीधा सम्पर्क होने के कारण उन्हें अपने उत्पादन की पूरी कीमत मिलने लगी है तथा अब वह दूर-दराज के क्राफट बाजारो में भी अपने उत्पादन की बिक्री बाबत जाने लगे है । संस्था द्वारा हस्तशिल्पियों को नये डिजाइन उपलब्ध करवाने के लिए जिससे कि उनके द्वारा तैयार माल को बाजार के अनुरूप बनाया जाकर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जा सके। बन्धेज क्राफट में 1 व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। संस्था द्वारा डीडवाना क्षेत्र में बन्धेज क्राफट के अन्दर अम्बेडकर हस्तशिल्प विकास योजना के अन्तर्गत कलस्टर संचालन किया गया संस्था द्वारा 25 स्वयं सहायता समूहो का गठन किया गया है जिसके अन्तर्गत 402 हस्तशिल्पियों को लिया गया है । संस्था द्वारा नागौर एंव डीडवाना में कुल 85 हस्तशिल्प स्वयं सहायता समूहो का संचालन किया जा रहा है । संस्था द्वारा अब तक 17 दक्षता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन किया गया जिसके अन्तर्गत इन हस्तशिल्पियों को उनके कार्य में दक्ष करने बाबत कुशल प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षण दिया गया इन हस्तशिल्पियों को दैनिक भत्ता,कच्चा माल भी दिया गया इसके अलावा संस्था द्वारा हस्तशिल्पियों के कल्याणार्थ संचालित की जा रही योजनाओं का लाभ भी इन हस्तशिल्पियों को दिलवाया जा रहा है । संस्था द्वारा कार्यालय विकास आयुक्त हस्तशिल्प विपणन एंव सेवा विस्तार केन्द्र जोधपुर के सहयोग से हस्तशिल्पियों को जागरूक करने बाबत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी किया गया ।
